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sorry dad

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🌷क्षमा कीजिए पिताश्री !🌷 एक बार गणेशजी ने भगवान शिवजी से कहा कि पिताजी ! आप यह *चिताभस्म ,लगाकर, मुण्डमाला धारणकर* अच्छे नहीं लगते, मेरी *माता गौरी अपूर्व सुंदरी* और *आप उनके साथ इस भयंकर रूप* में !      पिताजी ! आप एक बार कृपा करके *अपने सुंदर रूप* में *माता के सम्मुख* आएं, जिससे हम *आपका असली स्वरूप* देख सकें !     भगवान शिवजी मुस्कुराये और गणेशजी की बात मान ली और कुछ समय बाद जब शिवजी स्नान करके लौटे तो *उनके शरीर पर भस्म* नहीं थी , *बिखरी जटाएं सँवरी* हुई, *मुण्डमाला उतरी* हुई थी ! सभी *देवता, यक्ष, गंधर्व, शिवगण* उन्हें *अपलक देखते* रह गये, वो *ऐसा रूप* था कि *मोहिनी अवतार रूप* भी *फीका पड़* जाये ! *भगवान शिव* ने *अपना यह रूप* कभी भी *प्रकट नहीं किया* था !     *शिवजी* का *ऐसा अतुलनीय रूप* कि *करोड़ों कामदेव* को भी *मलिन कर रहा* था !       गणेशजी *अपने पिता की इस मनमोहक छवि को देखकर स्तब्ध* रह गए और *मस्तक झुकाकर* बोले - मुझे *क्षमा करें पिताजी !* परन्तु अब *आप अपने पूर्व स्वरूप* को *धारण कर लीजिए* !  *भगवान...

श्री विष्णु के 16 नाम का अर्थ उपयोग

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भगवान विष्णु के १६ नामों का एक छोटा श्लोक प्रस्तुत कर रहा हूं ।  इसमें मनुष्य को किस किस अवस्थाओं में भगवान विष्णु को किस किस नाम से स्मरण करना चाहिए, इसका उल्लेख किया गया है :- *औषधे चिंतयते विष्णुं ,* *भोजन च जनार्दनम |* *शयने पद्मनाभं च* *विवाहे च प्रजापतिं ||* *युद्धे चक्रधरं देवं* *प्रवासे च त्रिविक्रमं |* *नारायणं तनु त्यागे* *श्रीधरं प्रिय संगमे ||* *दु:स्वप्ने स्मर गोविन्दं* *संकटे मधुसूदनम् |* *कानने नारसिंहं च* *पावके जलशायिनाम ||* *जल मध्ये वराहं च* *पर्वते रघुनन्दनम् |* *गमने वामनं चैव* *सर्व कार्येषु माधवम् |* *षोडश एतानि नामानि* *प्रातरुत्थाय य: पठेत ।* *सर्व पाप विनिर्मुक्ते,* *विष्णुलोके महियते ।।* (१) औषधि लेते समय - विष्णु ; (२) भोजन के समय - जनार्दन ; (३) शयन करते समय - पद्मनाभ : (४) विवाह के समय - प्रजापति ; (५) युद्ध के समय - चक्रधर ;  (६) यात्रा के समय - त्रिविक्रम ; (७) शरीर त्यागते समय - नारायण;  (८) पत्नी के साथ - श्रीधर ; (९) नींद में बुरे स्वप्न आते समय - गोविंद ; (१०) संकट के समय - मधुसूदन ; (११) जंगल में संकट के समय - नृसिंह ; (१२)...

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[3/9, 5:35 PM] +91 94248 21484: *योग🧘‍♀की कुछ 100 जानकारी जिसका । 14. *किडनी* - भूलकर भी खड़े होकर गिलास का पानी ना पिये । 15. *गिलास* एक रेखीय होता है तथा इसका सर्फेसटेन्स अधिक होता है । गिलास अंग्रेजो ( पुर्तगाल) की सभ्यता से आयी है अतः लोटे का पानी पियें, लोटे का कम सर्फेसटेन्स होता है । 16. *अस्थमा , मधुमेह , कैसर* से गहरे रंग की वनस्पतियाँ बचाती हैं । 17. *वास्तु* के अनुसार जिस घर में जितना खुला स्थान होगा उस घर के लोगों का दिमाग व हृदय भी उतना ही खुला होगा । 18. *परम्परायें* वहीँ विकसित होगीं जहाँ जलवायु के अनुसार व्यवस्थायें विकसित होगीं । 19. *पथरी* - अर्जुन की छाल से पथरी की समस्यायें ना के बराबर है ।  20. *RO* का पानी कभी ना पियें यह गुणवत्ता को स्थिर नहीं रखता । कुएँ का पानी पियें । बारिस का पानी सबसे अच्छा , पानी की सफाई के लिए *सहिजन* की फली सबसे बेहतर है । 21. *सोकर उठते समय* हमेशा दायीं करवट से उठें या जिधर का *स्वर* चल रहा हो उधर करवट लेकर उठें । 22. *पेट के बल सोने से* हर्निया, प्रोस्टेट, एपेंडिक्स की समस्या आती है ।  23. *भोजन* के लिए पूर्व दिशा , *पढाई* ...

गाय का हिंदू धर्म में महत्व एवं महिमा तथा गोपालन के फायदे

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*ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र में गौ (गाय) की महिमा (पुनः प्रेषित)* 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️ *1👉 ज्योतिषमें गोधूलिका समय विवाहके लिये सर्वोत्तम माना गया है।*  *2👉 यदि यात्रा के प्रारम्भ में गाय सामने पड़ जाय अथवा अपने बछड़े को दूध पिलाती हुई सामने पड़ जाय तो यात्रा सफल होती है।* *3👉 जिस घर में गाय होती है, उसमें वास्तुदोष स्वतः ही समाप्त हो जाता है।* *4 👉 जन्मपत्री में यदि शुक्र अपनी नीचराशि कन्या पर हो, शुक्र की दशा चल रही हो या शुक्र अशुभ भाव (6,8,12)-में स्थित हो तो प्रात:काल के भोजन में से एक* *रोटी सफेद रंग की गाय को खिलाने से शुक्र का नीचत्व एवं शुक्र सम्बन्धी कुदोष स्वत: ही समाप्त हो जाता है।* *5👉 पितृदोष से मुक्ति👉 सूर्य, चन्द्र, मंगल या शुक्र की युति राहु से हो तो पितृदोष होता है। यह भी मान्यता है कि सूर्य का सम्बन्ध पिता से एवं मंगल का सम्बन्ध रक्त से होने के कारण सूर्य यदि शनि, राहु या केतु के साथ स्थित हो या दृष्टि सम्बन्ध हो तथा मंगल की युति राहु या केतु से हो तो पितृदोष होता है। इस दोष से जीवन संघर्षमय बन जाता है। यदि पितृदोष हो तो गाय को प्रतिदिन ...

vrat tyohar 2021

🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ *हिन्दू व्रत, त्यौहार और तिथियाँ 2021 ई.* *फरवरी 2021* 7 फरवरी रविवार षटतिला एकादशी 9 फरवरी मंगलवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 10 फरवरी बुधवार मासिक शिवरात्रि 11 फरवरी गुरूवार माघ अमावस्या 12 फरवरी शुक्रवार कुंभ संक्रांति 16 फरवरी मंगलवार बसंत पंचमी, सरस्वती पूजा 23 फरवरी मंगलवार जया एकादशी 24 फरवरी बुधवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 27 फरवरी शनिवार माघ पूर्णिमा व्रत   *मार्च 2021*   2 मार्च मंगलवार संकष्टी चतुर्थी 9 मार्च मंगलवार विजया एकादशी 10 मार्च बुधवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 11 मार्च गुरूवार मासिक शिवरात्रि, महाशिवरात्रि 13 मार्च शनिवार फाल्गुन अमावस्या 14 मार्च रविवार मीन संक्रांति 25 मार्च गुरूवार आमलकी एकादशी 26 मार्च शुक्रवार प्रदोष व्रत (शुक्ल) 28 मार्च रविवार फाल्गुन पूर्णिमा, होलिका दहन 29 मार्च सोमवार होली 31 मार्च बुधवार संकष्टी चतुर्थी   *अप्रैल 2021* 7 अप्रैल बुधवार पापमोचिनी एकादशी 9 अप्रैल शुक्रवार प्रदोष व्रत (कृष्ण) 10 अप्रैल शनिवार मासिक शिवरात्रि 12 अप्रैल सोमवार चैत्र अमावस्या 13 अप्रैल मंगलवार घटस्थापना, गुढ़ी पाडवा, चैत्र...

आयुर्वेदिक उपचार१

*इन चीज़ों को भिगोकर ही खाएं*  *आस-पास भी नहीं फटकेंगीं बीमारियां*  *आयुर्वेद के अनुसार, अगर किसी चीज को रातभर भिगोकर रखा जाए और अगले दिन उसका सेवन किया जाए तो ज्यादा फायदेमंद होता है।* *जी हां,अंकुरित होने के बाद कुछ चीजों के पोषक तत्वों की अधिकता हो जाती है साथ ही इन्हें आसानी से पचाया भी जा सकता है। ताउम्र दवाइयों के सेवन से बचे रहना चाहते हैं तो*   *आज हम आपको कुछ चीजों के बारे में बताएंगे जिन्हें भिगोकर ही खाना चाहिए।* *अलसी के बीज* *खसखस* *मुनक्का* *मेथी दाना* *अंकुरीत मुंग दाल* *सौंफ* *अंजीर* *बादाम* *अलसी के बीज*  *यह ओमेगा- 3 फैटी के अलावा प्रोटीन, आयरन का भी अच्छा स्त्रोत हैं। इसको भिगोकर खाने से शरीर का बैड कोलेस्ट्रोल कम हो जाता है और दिल स्वस्थ रहता है। साथ ही इससे मेनोपॉज के दौरान होने वाली समस्या भी कम होती हैं।* *खसखस*  *थियामिन और पैंटोथेनिक एसिड से भरपूर खसखस का पूरा फायदा भी तभी मिलेगा जब आप इसे भिगोकर खाएंगे। इससे वजन कंट्रोल में रहता है और कई समस्याओं से भी बचे रहते हैं।* *मुनक्का* *यह मैग्नीशियम, पोटेशियम और आयरन का पॉवर हाउस कहा जाता ...

ayurvedic treatment

मुंह में अगर छाले हो जाएं तो जीना मुहाल हो जाता है। खाना तो दूर पानी पीना भी मुश्किल हो जाता है। लेकिन, इसका इलाज आपके आसपास ही मौजूद है। मुंह के छाले गालों के अंदर और जीभ पर होते हैं। संतुलित आहार, पेट में दिक्कत, पान- मसालों का सेवन छाले का प्रमुख कारण है। छाले होने पर बहुत तेज दर्द होता है। आइए हम आपको मुंह के छालों से बचने के लिए घरेलू उपचार बताते हैं। मुंह के छालों से बचने के घरेलू उपचार– शहद में मुलहठी का चूर्ण मिलाकर इसका लेप मुंह के छालों पर करें और लार को मुंह से बाहर टपकने दें। मुंह में छाले होने पर अडूसा के 2-3 पत्तों को चबाकर उनका रस चूसना चाहिए। छाले होने पर कत्था और मुलहठी का चूर्ण और शहद मिलाकर मुंह के छालों परलगाने चाहिए। अमलतास की फली मज्जा को धनिये के साथ पीसकर थोड़ा कत्था मिलाकर मुंह में रखिए। या केवल अमलतास के गूदे को मुंहमें रखने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं। अमरूद के मुलायम पत्तों में कत्था मिलाकर पान की तरह चबाने से मुंह के छाले से राहत मिलती है और छाले ठीक हो जाते ह